कैप्टन डोडो और जादुई चक्रव्यूह
एक दिन पास के गाँव में एक रहस्यमयी घटना घटित हुई। जंगल के किनारे, जहाँ पहले केवल सन्नाटा और पेड़ों की छाया थी, वहाँ एक ही रात में एक विशाल और अत्यंत जटिल जादुई चक्रव्यूह प्रकट हो गया। यह कोई साधारण संरचना नहीं थी — जो भी उसमें प्रवेश करता, वह फिर कभी वापस नहीं लौटा। धीरे-धीरे पूरे गाँव में भय फैल गया। यह मामला जल्द ही कैप्टन डोडो के कार्यालय तक पहुँचा। डायरेक्टर ने तुरंत एक आपात बैठक बुलाई। सभी अधिकारी मीटिंग रूम में एकत्र हुए। जब इस रहस्यमयी चक्रव्यूह के बारे में विस्तार से बताया गया, तो कैप्टन डोडो की आँखों में एक अलग ही चमक आ गई। उन्हें महसूस हुआ कि यह रहस्य सुलझाना उनका कर्तव्य है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ डायरेक्टर से अनुमति माँगी कि वे स्वयं इस केस को संभालना चाहती हैं। डोडो की बुद्धिमत्ता, साहस और निर्णय-क्षमता से परिचित डायरेक्टर ने तुरंत उन्हें अनुमति दे दी। अपने विश्वसनीय साथी कैप्टन पॉल के साथ, कैप्टन डोडो इस खतरनाक यात्रा पर निकल पड़ीं। जैसे ही दोनों ने चक्रव्यूह की पहली प्राचीर पार की, प्रवेश द्वार अपने आप बंद हो गया। अब लौटने का कोई र...